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क्यों किया जाता है मंगलसूत्र धारण, जानें नियम और इसका महत्व | करवाचौथ के व्रत की पूजन विधि

22 hours ago Times of India Happy Karwa Chauth 2020 Vidhi

आप भी जानिये करवाचौथ के व्रत की पूजन विधि एवं सुहागिनों के मंगल सूत्र का महत्व

जैसा की हम सब अवगत की करवाचौथ के व्रत के दिन सभी सुहागिनों महिलाये अपने पति की लम्भी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती है ! और सूर्यास्त के बाद चन्द्रमा के दर्शन के बाद ही अपना व्रत खोलती है। करवाचौथ का व्रत इस साल 4 नवंबर को बुधवार के दिन है।
ये व्रत सुर्युधोय होने बाद एवं ब्रम्हा मुहूर्त के समय से शुरू होता है एवं चन्द्रमा के निकलने तक रखा जाता है। इस व्रत पर सास अपनी बहु को सरगी देती है और बहु उस सरगी को लेके अपने सुहाग के लिए हो रहे इस व्रत की शुरुवात करती है।

आज अपन जानेगे इस करवाचौथ के व्रत के पूजन की विधि और मंगलसूत्र के महत्व के बारे में

व्रत रखने वाली सुहागिन महिला को ब्रम्हा मुहूर्त में उठ कर स्नान करना चाहिए उसके बाद सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन का सेवन करना चाहिए और पानी पीना चाहिए उसके पश्चात भगवान की पूजन अर्चना एवं भगवन गणेश की अर्धना करके निर्जला व्रत का संकलप लेना चाहिए।
करवाचौथ के इस व्रत के दिन महिलाये निर्जला निराहार एवं पूरा दिन बिना अन्न और जल के ग्रहण किये रहती है सूर्यास्त के पश्चात चन्द्रमा के दर्शन करने के बाद ही अपना व्रत खोलती है एवं अन्न पान का सेवन करती है।
पूजा अर्चना के लिए शाम के समय में एक मिटी से बानी एक विधि पर सभी देवी देवताओ की स्थापना कर इसमें सुहाग के लिए लाये गए करवे रख लेवे।
पूजा की एक थाली में दीप – धुप – रोली – चन्दन सिंदूर रखे और घी का दीपक भी जरूर जलाये। पूजा का सही समय सायकल का ही रहता है और चाँद निकलने के एक घंटे पहले ही पूजा अर्चना शुरू कर देनी चाहिए और इस दिन सभी महिलाये एक साथ होकर ही पूजा अर्चना करती है।

आइये जानते है करवाचौथ पर मंगल सूत्र का विशेष महत्व :

मंगल सूत्र मनुष्य के वैवाहिक जीवन का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। बनावट में देखे तो ये एक काले रंग की मोतियों की माला होती है जिसको सुहागन महिलाये अपने गले में धारण करती है इस काले रंग की मोतियों से बने मंगल सूत्र में कई साडी चीज़े होती है जिनमे प्रत्येक चीज़ का संबंध शुभता से जुड़ा होता है हालंकि ऐसा भी माना जाता है की सुहागिन महिला के मंगलसूत्र धारण करने से पति की रक्षा होती है अर्तार्थ ये एक पति के लिए रक्षा कवच भी है इससे पति के जीवन के सरे संकट काट जाते है जबकि ये तो महिलाओ के लिए भी उनकी दीर्घ आयु का काम करता है

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आइये जानते है मंगल सूत्र में क्या क्या चीज़े होती है :

मंगल सूत्र में पिले रंग का धागा होता है और इसी पिले रंग के धागे में काले रंग के मोती पिरोये जाते है इसी के साथ एक सोने या ताम्बे की धातु का लॉकेट भी लगा हुआ होता है आकर की अगर बात करे तो इस लॉकेट का आकर चौकोर या गोल दोनों प्रकार का हो सकता है
विशेष बात ये होती है की मंगल सूत्र में सोने या पीतल की धातु का लॉकेट भले ही नहीं लगा हुआ हो परन्तु पिले रंग के धागे में काले रंग के मोती जरूरत पिरोये हुए होने चाहिए।

आइये जानते है मंगल सूत्र धारण करने के नियम और सावधानिया क्या क्या है :

  •  सुहागिन महिलयो को मंगलसूत्र या सवयं को खरीदना चाहिए या अपने वर अपने पति से लिया हुआ ही धारण करना चाहिये।
  • इनके अलवा अन्य किसी भी व्यक्ति प्राणी से लिया हुआ मंगलसूत्र न तो फलदायी होता है और ना ही उचित होता है
  •  कभी भी मंगलवार के दिन मंगलसूत्र नहीं खरीदना चाहिये।
  •  सुहागिन महिलाओ को मंगलसूत्र धारण करने से पहले माता पार्वती को अर्पित करना चाहिये।
  • सुहागिन महिलाओ को जब तक ज्यादा जरूरी काम न पद जाये तब तक मंगलसूत्र को उतारना नहीं चाहिये।
  •  मंगल सूत्र में लगा हुआ सोना अगर चकोर होता है तो अतिउत्तम माना जाता है शुभ माना जाता है

आइये जानते है की मंगलसूत्र में लगी हुई कोनसी कोनसी चीज़ें कैसे कैसे ग्रहों को नियंत्रित करती हैं ?

  • सुहागिन महिलाओ के मंगलसूत्र में लगा पिले रंग का धागा और सोना और पीतल दोनों बृहस्पति गृह के प्रतीक होते है।
  •  पिले रंग का धागा और सोना व् पीतल ये सब लगे होने के कारण महिलाओ का बृहस्पति मजबूत होता है।
  •  मंगल सूत्र में लगे काले रंग के मोतियों से सुहागिन महिलाएं और उनका सौभाग्य नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी नज़र से बचे रहते हैं।
  •  ऐसा भी माना जाता है की मंगल सूत्र का पीला हिस्सा माता पार्वती का रूप है और काले रंग का हिस्सा भगवान शिव का रूप दर्शाता है
  •  और भगवन शिव के आश्रीवाद एवं उनकी कृपा से सुहागिन महिला और उसके पति की रक्षा भी होती है।
  •  और माता पार्वती के आश्रीवाद एवं उनकी कृपा से पति पत्नी का वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है।

 

Note : अगर किसी महिला के वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या चल रही है तो वो महिला खानदानी ज्योतिषचर्य पंडित ऋषि गौतम से निःशुलक व् घर बैठे ऑनलाइन अपनी जन्मपत्रिका दिखवाकर अपने समस्या के समाधान के लिए फ़ोन पर संपर्क कर सकती है ।

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