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पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़ो के कुछ अशुभ योग,

पति-पत्नी के बीच छोटे-छोटे झगड़े होना बहुत ही आम बात है, लेकिन जब ये झगड़े बार-बार और होने लगे तो स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती है। वैवाहिक में प्रेम बना रहे इसके लिए पति-पत्नी के बीच तालमेल होना बहुत जरूरी है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली के ग्रह दोषों की वजह से भी वैवाहिक जीवन में अशांति बढ़ सकती है। यहां जानिए  शास्त्री के अनुसार कुंडली के कुछ ऐसे योग जिनकी वजह से मैरिड लाइफ में विपरीत स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है…

 

1. पं. शास्त्री ने बताया कि विवाह से पहले कन्या और वर के नामों से गुण मिलान किया जाता हैं। इस गुण मिलान में दोष हो तो बेडरूम में झगड़े होते हैं। जैसे गण दोष, भकुट दोष, नाड़ी दोष, द्विद्वादश दोष होने पर शादी के बाद अशांति के योग बनते हैं।

 

2. अगर किसी एक व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष है और उसका मंगल दोष निवारण नहीं करवाया गया है तो वैवाहिक में अशांति रहती है। मंगल व्यक्ति को अभिमानी और अड़ियल बनाता है, जिससे वाद-विवाद ज्यादा होते हैं।

 

3. अगर पति या पत्नी में से किसी एक कुंडली में शुक्र नीच का हो या षष्ठम या अष्ठम भाव में हो तो झगड़े होने की संभावनाएं रहती हैं।

 

4. कुंडली के सप्तम स्थान पर सूर्य, शनि, राहु, केतु और मंगल में से किसी एक या दो ग्रहों का प्रभाव हो तो ये योग पति-पत्नी के लिए अशुभ रहता है।

 

5. कुंडली में गुरु अशुभ होकर सप्तमेश या सप्तम पर प्रभाव डालता है तो झगड़ों की संभावनाएं बनती हैं।

 

6. कुंडली में सप्तमेश यानी सप्तम भाव का स्वामी छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो तो झगड़े ज्यादा होते हैं।

 

 

7. अगर पति या पत्नी की कुंडली में सप्तम भाव अशुभ ग्रहों से घिरा हो या सप्तम भाव का स्वामी अशुभ ग्रहों से घिरा हो तो मैरिड लाइफ में शांति नहीं रहती है।

 

कर सकते हैं ये उपाय

 

– कुंडली के अशुभ ग्रहों के लिए उचित उपाय करते रहना चाहिए।

 

– शिवजी के साथ ही माता पार्वती की पूजा अवश्य करें और वैवाहिक जीवन में शांति बनाए रखने की प्रार्थना भी करें।

 

– हर गुरुवार ग्रह के लिए उपाय करना चाहिए। गुरु ग्रह के निमित्त चने की दाल का दान करें। केले के पौधे की पूजा करें।

– मंगल के लिए मंगलवार को भात पुजा करनी चाहिए।

 

– राहु-केतु के लिए पीपल की सात परिक्रमा करना चाहिए।

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